प्रसिद्ध जनकवि बल्ली सिंह चीमा को केन्द्रीय हिंदी संस्थान ने पुरस्कार देने की घोषणा कुछ माह पूर्व की थी। अनुनाद ने उन्हें बधाई की पोस्ट लगाई थी। यह पुरस्कार आज उन्हें राष्ट्रपति भवन में प्रदान किया जाएगा। अनुनाद फिर उन्हें बधाई देता है। यह हिंदी की जनवादी कविता का सम्मान है। बल्ली सिंह चीमा ने एक साधारण किसान का जीवन जिया है और जनसरोकारों के प्रति समर्पित रहे हैं। उत्तराखंड आन्दोलन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके गीत देश भर में आन्दोलन के गीत बने। उन्होंने साहित्य की नहीं, दबी-कुचली आम जनता के हक़ में जीवन की साधना की है। उन्हें हमारा सलाम।
श्री चीमा के साथ आज श्याम बेनेगल और गिरीश कनार्ड भी पुरस्कार लेंगे।

hamari bhi badhayi. diwa bhatt almora
ReplyDeleteBALLI SINGH CHEEMA JI KO MERI BAHUT-BAHUT HAARDIK BADHAAI ! VE MERE PRIY RACHNAKARON
ReplyDeleteMEIN-SE HAIN.
---PANKAJ CHATURVEDI, KANPUR