Wednesday, March 5, 2008

शिरीष कुमार मौर्य

सबसे अच्छा शहर

ये कविता अपने छः साल के बेटे और उसकी पूरी कक्षा के लिए


बच्चो!

गाय पर निबन्ध लिखना

तो दूध का ज़िक्र करना



डाकिए पर निबन्ध लिखना

तो चिट्ठी का ज़िक्र करना


गाँव पर निबन्ध लिखना

तो खुद का ज़िक्र करना

मत भूलना


लेकिन

कभी लिखना पड़े

मुल्क के सबसे अच्छे शहर के बारे में

कोई निबन्ध

तो पन्ना ख़ाली छोड़ देना

क्योंकि वो

अभी बसा ही नहीं है कहीं!

6 comments:

राज भाटिय़ा said...

शिरीष कुमार मौर्य अरे वाह कया बात हे, बहुत अच्छा लगा.

Arun Aditya said...

बच्चों के पढने और बडों के गुनने की कविता। इतनी बड़ी रेंज की कविता बहुत कम देखने को मिलती है।

जोशिम said...

अद्वितीय !!!!

ANUNAAD said...

धन्यवाद !
मेहरबानी !
शुक्रिया !
करम दोस्तो!
आप लोग कितने अच्छे हैं जो इतना प्रोत्साहन देने में यकीन रखते हैं।

Udan Tashtari said...

कभी हमारे शहर पधारो, साहेबां. ये भी मिल जायेगा. मगर देखना हमारे दिल और आँखों से पड़ेगा. :)

vijay gaur said...

jikar to kiya hi jaana chahiye shirish bhai